Skip to main content

बालेश्वर मंदिर चम्पावत - Baleshwar Temple Champawat in Hindi

उतराखण्ड के चम्पावत मे स्थित बालेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक हिंदु मंदिर है । यह मंदिर हिंदुओ के पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है । इस मंदिर का इतिहास सैकड़ो वर्ष पुराना है इसलिए 1952 में  भारतीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्मारक स्थल घोषित कर दिया गया । मंदिर की देखभाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जाती है ।

बालेश्वर मंदिर चम्पावत|Baleshwar Temple Champawat in Hindi

Image Credit ; Satyam Soni


बालेश्वर मंदिर का इतिहास | Baleshwar Temple History in Hindi -

 ऐतिहासिक बालेश्वर मंदिर का निर्माण 10 - 12 शताब्दी में चंद राजाओ द्वारा करवाया गया था । मंदिर में उपलब्ध ताम्र पत्रों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण सन् 1272 में करवाया गया था । चंद राजाओ द्वारा निर्मित इस मंदिर की वास्तुकला अत्यंत सुंदर है ।  मंदिर परिसर में रत्नेश्वर व माता पद्मावती का मंदिर भी स्थित है ।

मंदिर की वास्तुकला | Temple Architecture -


बालेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक हिंदु मंदिर है । मंदिर परिसर में रत्नेश्वर , चंपादेवी , बाली आदि के मंदिर भी स्थित है । इस मंदिर का निर्माण दक्षिण स्थापत्य कला द्वारा किया गया है । इसके निर्माण में ग्रेनाइट व बलुआ पत्थरों का प्रयोग किया गया है । मंदिर की दीवारों पर अनेक सुंदर मुर्तियां है ।

Image Credit: Satyam Soni

Comments

  1. Thanks for sharing detail of Baleshwar Temple of Champawat in Hindi.

    I am sharing a resource in English explaining some vital information about this temple.

    ReplyDelete

Post a Comment

Type..

Popular posts from this blog

करमैती बाई का जीवन परिचय ( Karmaiti Bai Biography In Hindi )

करमैती बाई - 

महावीर स्वामी का जीवन परिचय और उपदेश ( Biography Of Mahavir Swami and Updesh )

महावीर स्वामी का जीवन परिचय और उपदेश (Biography Of Mahavir Swami )-- महावीर स्वामी विक्रम संवत के पाँच सौ वर्ष पहले के भारत की बहुत बड़ी ऐतिहासिक आवश्यकता थे । इन्होनें सुख-दुख मे बंधे जीव के लिए शाश्वत दिव्य शान्ति और परम् मोक्ष का विधान किया । महावीर स्वामी जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थकर थे । जैन धर्म की स्थापना त्रिषभदेव ने की थी । महावीर स्वामी ने इसके विकास मे अहम योगदान दिया था । इन्होने जैन धर्म को पुर्ण तपोमय बना दिया । महावीर स्वामी का प्रारंभिक जीवन -- वैशाली राज्य की सीमा पर गण्डकी नदी के तट पर क्षत्रियकुण्डनपुर नगर के राजा सिध्दार्थ और माता त्रिशला के यहा महावीर स्वामी का जन्म हुआ था । संन्यास से पुर्व इनका नाम वर्धमान था । इनके जन्म से पहले इनकी माता को चौदह विचित्र सपने आये थे । चैत्र मास की शुक्ला त्रयोदशी को सोमवार के उपाकाल मे महावीर स्वामी ने शिशु वर्धमान के नामरूप जन्म लिया । शिशु का का रंग तपे सोने के समान था । शान्ति और कान्ति से शरीर शोभित और गठीत था । माता-पिता ने बड़ी सावधानी से उनका पालन-पोषण किया । रानी त्रिशला अत्यंत गुणवती व सुंदर थी । सिध्दार्थ...

हवा महल का इतिहास और रोचक बातें -Hawa Mahal Jaipur History in Hindi

Hawamahal In Hindi | Hawamahal History In Hindi | unknown facts About Hawamahal Jaipur |  हवामहल राजस्थान के जयपुर में स्थित एक महल/हवेली है | राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से हवामहल भी एक है | हवामहल का निर्माण सन 1798 में जयपुर के महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था | हवामहल 953 झरोखे है | इन झरोखो से ठंडी ठंडी हवा आने के कारण इनका नाम हवामहल पड़ा | यह  महल ज.डी.ऐ रोड , बड़ी चौपड़ जयपुर में स्थित है  स्थापना वर्ष - 1798  स्थापक       -  जयपुर नरेश सवाई प्रताप सिंह  Hawamahal History In Hindi | हवामहल जयपुर का इतिहास |  हवामहल का निर्माण 1798 में जयपुर के महाराजा सवाई प्रताप सिंह जी द्वारा किया गया था | इस महल का निर्माण राजपूत महिलाओ के लिए करवाया गया था ताकि वे शहर में हो रहे सार्वजानिक उत्स्वों और कार्यकर्मो को देख सके | उस समय राजस्थान में पर्दा - प्रथा  प्रचलन था | जिसमे राजपूत महिलाओ को बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती थी | ऐसा भी कहा जाता है की इस महल का निर्माण गर्मी से निजात पाने के लिए बनवाय...