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हवा महल का इतिहास और रोचक बातें -Hawa Mahal Jaipur History in Hindi

Hawamahal In Hindi | Hawamahal History In Hindi | unknown facts About Hawamahal Jaipur | 

हवामहल राजस्थान के जयपुर में स्थित एक महल/हवेली है | राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से हवामहल भी एक है | हवामहल का निर्माण सन 1798 में जयपुर के महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था | हवामहल 953 झरोखे है | इन झरोखो से ठंडी ठंडी हवा आने के कारण इनका नाम हवामहल पड़ा | यह  महल ज.डी.ऐ रोड , बड़ी चौपड़ जयपुर में स्थित है 





स्थापना वर्ष - 1798 
स्थापक       -  जयपुर नरेश सवाई प्रताप सिंह 



Hawamahal History In Hindi | हवामहल जयपुर का इतिहास | 

हवामहल का निर्माण 1798 में जयपुर के महाराजा सवाई प्रताप सिंह जी द्वारा किया गया था | इस महल का निर्माण राजपूत महिलाओ के लिए करवाया गया था ताकि वे शहर में हो रहे सार्वजानिक उत्स्वों और कार्यकर्मो को देख सके | उस समय राजस्थान में पर्दा - प्रथा  प्रचलन था | जिसमे राजपूत महिलाओ को बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती थी | ऐसा भी कहा जाता है की इस महल का निर्माण गर्मी से निजात पाने के लिए बनवाया गया था | 



इस महल में 953 खिड़किया है जिसे ठंडी हवा आती हैं | ये पांच मंज़िला ईमारत भारतीय और विदेशी पर्यटको को मोहित करती है | राजस्थान से प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों मे से एक हवामहल विश्व का सबसे उच्चा महल है | 


हवामहल से जुड़ी रोचक बातें - 

1.   हवामहल एक भव्य पांच मंज़िला ईमारत है | इसमें कुल 953 झरोखे / खिड़किया  है | 

2.  हवामहल की आकृति श्री कृष्णा के मुकुट के समान प्रतीत होती है | महाराजा सवाई प्रताप सिंह परम भागवत कृष्णा भक्त थे | 

3.  विशेष तौर पर हवामहल का निर्माण राजपूत महिलाओ के लिए किया गया था ताकि वे सार्वजानिक कार्यकर्म देख सके | 

4. 2006 में हवामहल की मरम्मत की गयी थी | 

5. इसका निर्माण जयपुर के महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था | 

6. इसका निर्माण राजपूत और मुग़ल शैली में करवाया गया था | 

7. हवामहल में कोई सीधा प्रवेश द्वार नहीं है  | 

8. हवामहल की पांचवी मज़िल में ठंडी हवा बहती रहती है | 

9. हवामहल प्रवेश शुक्ल - भारतीय 50 रूपए  और विदेशी 200 रूपए | 

10. हवामहल में सीढिया नहीं है | 

11. हवामहल की वर्तमान कीतम 4568 मिलियन है | 


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